
विंध्याचल आश्रम दुनिया में आध्यात्मिक योग ( आत्मा और परमात्मा का योग ) का सबसे बड़ा आश्रम है । यहां की गौशाला में 3000 गौवंश की गैर व्यवसायिक तरीके से सेवा होती है । जिस पवित्र गौशालामें निरंतर गौसेवा करके ब्रह्मवेत्ता श्री देवरहा हंस बाबाजी ने भगवान कृष्ण और राधिकाजी को पूर्ण रूप से प्राप्त कर लिया हो , वहां पर की हुई सेवा से सभी व्यक्तियों की लौकिक जगत की कामनाओं की पूर्ति होना बहुत आसान है ।
गौ माता पर होने वाले आर्थिक व्यय की राशि केवल दान के द्वारा प्राप्त की जाती है और किसी भी सरकार से कोई अनुदान नहीं लिया जाता है , किसी भी चीज की बिक्री नहीं होती और गोवंश को अपना माता और पिता मानकर उनकी सेवा की जाती है । गौ सेवा के द्वारा भक्तों का कल्याण सुनिश्चित करने के लिए बाबा जी के द्वारा यह एक बहुत बड़ी आध्यात्मिक व्यवस्था बनाई गई है । इससे सभी भक्तों को और अन्य लोगों को भी अपने ही कल्याण के लिए जुड़ना चाहिए ।

बाबाजी की गौशाला में गेहूं के भूसे की 11000 टन साल की आवश्यकता होती है । 1 गाय 1 दिन में लगभग 10 किलो भूसा और 5 किलो हरा चारा का प्रसाद ग्रहण करती है । अगर भूसे का दाम ₹10 प्रति किलो मान कर चलते हैं , तो गौशाला में साल भर के भूसे को खरीदने के लिए ₹11 करोड़ की व्यवस्था करनी आवश्यक होती है । पहले यह राशि कम थी , क्योंकि भूसे का रेट ₹3 _ 4 प्रति किलो था , पर पिछले वर्ष इसमें 200% की बढ़ोतरी हुई और ₹12 किलो तक का भूसा , गौशाला को खरीदना पड़ा था । इस साल अगर हम मान कर चलें कि भूसा ₹10 किलो होगा तो हमें 11 करोड़ रुपए की आवश्यकता होगी । इस आधार पर एक गौ माता के लिए भूसे पर लगभग ₹37000 प्रति साल का खर्चा आता है । इस के अलावा हरा चारा , चुनी चोकर , दलिया ,बाजरा , मकई ,गुड , खली इत्यादि की आवश्यकता होती है और इस पर लगभग डेढ़ करोड़ सालाना का खर्चा आता है । हरे चारे को आश्रम की भूमि में ही उगाया जाता है और इसकी लागत लगभग दो रुपए प्रति किलो आती है । इसके अतिरिक्त भूसे के वितरण और गोबर की सफाई इत्यादि पर लगने वाले लेबर के मानदेय का खर्चा लगभग डेढ़ करोड़ प्रति वर्ष आता है । इन सब खर्चों को जोड़ने के पश्चात एक गाय पर वार्षिक खर्चा लगभग ₹51000 आता है ।

अगर हम सब कम से कम एक गाय को अपनी आध्यात्मिक माता मानकर चलें और यह विचार हमेशा रखें कि हमारी आध्यात्मिक माताजी विंध्याचल में रहती हैं और हम उनकी सेवा करते हैं तो इससे उनके मन में बहुत अधिक आत्मविश्वास की जागृति होगी और नकली धन को सच्चे धन में परिवर्तित करने का अवसर मिलेगा और अपनी तीनों पीढ़ियों ( भूतपूर्व , वर्तमान और भविष्य ) के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए स्वर्णिम अवसर मिलेगा ।

इसीलिए सब से अनुरोध है की अपनी सामर्थ्य के अनुसार परिवार के हर सदस्य की तरफ से 1 गाय पर होने वाले खर्चे को दान के द्वारा ट्रस्ट के अकाउंट में इसी महीने में प्रवाहित कर दें । अगर किसी परिवार में चार सदस्य हैं और सामर्थ्य है तो दो लाख रूपए भेजे । अगर 3000 शिष्य और अन्य लोग एक एवरेज ₹51000 की राशि दान करते हैं तो उसी से गौशाला में होने वाले सभी खर्चों के लिए लिए पर्याप्त धन प्राप्त हो जाएगा ।
एक और मापदंड के अनुसार , जो की हमारे शास्त्रों में वर्णित है , उसके अनुसार अपनी सारे स्त्रोतों से प्राप्त आय का दशांश गौसेवा में अर्पित करना चाहिए । शास्त्रोंके अनुसार , धनवान और प्रतिष्ठित व्यक्तियों के लिए गौसेवा सर्वश्रेष्ठ कर्म माना गया है और अपने घर में दशांश यानी विष्णु अंश को रखना बिलकुल वर्जित किया गया है क्योंकि यह गौ का अंश है और इनको इसी मापदंड के अनुसार कार्य करना चाहिए ।
यह आवश्यक नहीं है की आश्रम की गौशाला में केवल पुराने भक्त और शिष्य ही जुड़ें । गौशाला सब के कल्याण के लिए है । नए व्यक्ति जिन्होंने आश्रम /गौशाला में पहिले भ्रमण या दान नहीं किया है , वह भी अपनी सहयोग राशि निम्नलिखित दो खातों में से किसी एक खाते में प्रवाहित कर सकते हैं ।
Brahmvetta Shri Devaraha Hans Baba Trust.
A/C no. 10539167271
SBI VINDHYACHAL
IFSC CODE SBIN0002625
or
Brahmvetta Shri Devaraha Hans Baba Trust,
A/ C no. 506010100021094
AXIS Bank Mirzapur
IFSC code UTIB0000506
Or

ट्रस्ट में दिए हुए दान पर इनकम टेक्स एक्ट के सैक्शन 80G के अंतर्गत 50% तक की इनकम टेक्स छूट उपलब्ध है । डोनर / दानकर्ता के डिटेल्स ( दानकर्ता का नाम , पता , पैन कार्ड नंबर , दान की तिथि और राशि और बैंक ट्रांजैक्शन का ब्योरा ) निम्नलिखित व्हाट्सएप नंबर पर प्रेषित करें । किसी को कोई भी और जानकारी गौशाला , आश्रम और बाबाजी के बारे में लेनी है तो मुझ से निम्नलिखित नंबरों पर व्हाट्सएप या मोबाइल के द्वारा निसंकोच संपर्क करें ।
अतुल कुमार सक्सेना
9999535099
7906103231





