A K SAXENA , O3 MARCH 2021
• सनातन धर्म के सभी शास्त्रों में भारत को एक आध्यात्मिक कर्मभूमि और बाकी सारे विश्व को भोग भूमि कहकर वर्गीकरण किया गया है । भारत की भूमि में बहुत ही शक्तिशाली आध्यात्मिक शक्तियां शाश्वत रूप से निवास करती है । भारत सनातन धर्म का देश है और यहीं से धर्म का उदय हुआ और धर्म के पूरे विश्व में प्रचार प्रसार के लिए भारत केंद्र बिंदु रहा है और रहेगा । पिछले 2000 वर्षों में कुछ पंथ ऐसे आए जिन्होंने सनातन धर्म को कुचलने का भरपूर प्रयास किया , आंशिक दृष्टि से वह सफल हुए या नहीं हुए , यह एक विवादित विषय हो सकता है , पर इसका असर भारत के मंदिरों , इतिहास , संस्कृति और मनोवृत्तियों पर दिखाई देता है । भारत के महान संत पिछले 500 वर्षों से लगातार इस पर चिंतन करते रहे पर विधि के विधान को बदल नहीं पाए । सब कुछ प्रतिकूल होते हुए भी उन्होंने भगवान में अपनी आस्था कभी नहीं त्यागी और भगवान से एकाकार करके हमारे सभी महान संतो जैसे तुलसीदास जी , सूरदास जी , गुरु नानक जी , रैदास जी इत्यादि ने भविष्यवाणियां की कि संवत 2000 के बाद विश्व में बहुत बड़े परिवर्तन होंगे और राक्षसी शक्तियों का नाश होगा , अखंड भारत का उदय होगा , सनातन धर्म विश्वव्यापी होगा और आसुरी शक्तियां काफी समय के लिए नष्ट हो जाएंगी और यह सब अब होते हुए दृष्टिगोचर हो रहा है । अखंड भारत के निर्माण और सनातन धर्म को विश्वव्यापी करने के लिए आध्यात्मिक शक्तियों ने इस धरा पर महानतम त्रिकालदर्शी महायोगी संत ब्रह्मर्षि श्री देवराहा बाबा जी और ब्रह्मवेता श्री देवराहा हंस बाबा जी को भेजा है । वर्तमान काल में राज्य और राजनीति का मनुष्य और समाज के जीवन पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है और समाज में अगर कोई बड़े कार्य करवाने हैं तो राजतंत्र को उसके लिए पहले अनुकूल बनाना पड़ता है । महान संत जो कि भगवान के अंग हैं , उन्हीं के द्वारा इस कार्य को कराया जाता है । ब्रह्मवेत्ता श्री देवराहा हंस बाबा जी ने अनेकों बार बताया है कि जब जब धरा पर धर्म की हानि होती है तो धर्म को पुनर्स्थापित करने के लिए या तो भगवान स्वयं अवतरित होते हैं या महायोगियों को धरा पर भेज कर अपने सारे कार्य उनके द्वारा करवाते हैं । इसके लिए यह आवश्यक है कि राजनीति में कई शतकों से स्थापित आसुरी शक्तियों को हटाकर उनकी जगह ऐसी शक्तियों को स्थापित किया जाए जोकि सनातन धर्म के प्रतिकूल नहीं है और उसका विरोध नहीं करती । भारत का खंडीकरण पिछले 2000 वर्षों से होता रहा है पर अब उस के अखंडीकरण होने का समय आ गया है और इसीलिए बाबा जी जैसे महान संतों का आगमन हुआ है और उनके द्वारा वैश्विक और देश के स्तर पर आध्यात्मिक हस्तक्षेप के द्वारा आसुरी शक्तियों का विनाश किया जा रहा है । इसी क्रम में भारत में जहां कि राज्य की व्यवस्था भारत के संविधान और लोकतंत्र के अनुसार चलती है , राजनेतिक दलों का महत्वपूर्ण स्थान है । उसमें देश को जोड़ने वाली शक्तियों को केंद्र में लाकर यह सब कार्य कराए जा रहे हैं । ” विभाजन के द्वारा शासन ” , आसुरी शक्तियों का मूल अस्त्र रहा है । पिछले 2000 वर्षों में विदेशी शक्तियों ने भारत में आकर भारत के लोगों को धर्म , जाति और भाषा के नाम पर विभाजित करके इस देश पर शासन किया और भारत को बुरी तरह से लूटा है अब यह विभाजनकारी शक्तियां सफल नहीं हो सकती हैं । आध्यात्मिक शक्तियों का हस्तक्षेप स्थूल भौतिक दृष्टि से आसानी से दिखाई नहीं देता पर सूक्ष्म जगत में यह निश्चित रूप से घटित हो कर अपने कार्यों को करवाता है बाबाजी का राजनीति और राजनेताओं से कुछ भी लेना देना नहीं है परंतु इसको मैंने पिछले 27 वर्षों में अनुभव किया है कि जैसा जैसा बाबा जी ने संकल्प किया और भविष्यवाणियां करी , राजनीतिक जगत में वैसे वैसे ही घटनाएं हुई है । स्थूल जगत में संविधान , राजनीतिक पार्टियां , इलेक्टोरेट , चुनाव इत्यादि की ही बातें होती हैं और लोगों की समझ में आती है । आध्यात्मिक शक्तियां गुप्त रूप से अदृश्य जगत में सूक्ष्म शक्तियों के द्वारा अपना कार्य करती हैं । तुष्टीकरण की राजनीति करने वाली और देश को विभाजित करने वाली शक्तियों का विनाश और भारत को अखंड बनाने वाली , सनातन धर्म को विश्वव्यापी करने वाली राजनीतिक शक्तियों को उठाने का कार्य , किसी मानव या उनके द्वारा बनाए हुए राजनीतिक दलों का , कार्य नहीं है । देश के बुद्धिजीवी , मीडिया और स्वयं राजनेता कुछ भी समझते हो , देश में आसुरी शक्तियों के पतन और सात्विक गुणों से युक्त दलों का उत्थान , केवल आध्यात्मिक शक्तियों के सत्य संकल्प और भविष्यवाणियों के अनुसार ही हो रहा है । बाबा जी ने अनेकों बार हम लोगों को बताया है कि नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी को केंद्र में इसलिए लाया गया है क्योंकि यह लोग सनातन धर्म का विरोध नहीं करते और इन्हीं के द्वारा अखंड भारत के निर्माण के कार्य को प्रारंभ कराया जाना है । बाबा जी की कई भविष्यवाणी और सत्य संकल्प को निम्नलिखित लेखों के द्वारा अवगत कराया जा रहा है । सन 2002 में अटल बिहारी बाजपेई और लालकृष्ण आडवाणी राम मंदिर को कानून के द्वारा बनाने का वचन देकर सत्ता में आए पर उन्होंने अपने इस वचन को पूरा करने का सच्चा प्रयास नहीं किया । इसी कारण से बाबा जी ने यह भविष्यवाणी की थी कि अब इन दोनों में से कोई भी इस देश का प्रधानमंत्री नहीं बन पाएगा । 2004 में अटल बिहारी वाजपेई जी को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार बनाकर बीजेपी ने चुनाव लड़ा और वह हार गए । इसी प्रकार से 2009 में आडवाणी जी को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार बनाकर चुनाव लड़ा गया और बीजेपी हार गई । यह बाबा जी की भविष्यवाणी थी और उसी के अनुसार यह कार्य हुआ । 2009 में चुनावों के परिणाम घोषित होने से लगभग 1 सप्ताह पहले मैंने सुबोध कांत सहाय , पूर्व केंद्रीय मंत्री को यह बता दिया था की जैसे तैसे सरकार तो यूपीए की ही बनेगी क्योंकि आध्यात्मिक शक्तियां आडवाणी को प्रधानमंत्री नहीं बनाना चाहती हैं । ऐसा ही हुआ । 2010 में जब लिब्रहान कमीशन ने देवरहा बाबा जी का घोर अपमान करते हुए उनको बाबरी मस्जिद विध्वंस के मामले में दोषी करार दिया गया , तब कांग्रेस के वर्तमान नेतृत्व ( सोनिया गांधी , राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ) ने इसका विरोध और भर्त्सना नहीं करी । ब्रह्म वेत्ता श्री देवराहा हंस बाबा जी ने उनकी इस घोर कृतघ्नता के कारण कांग्रेस को श्राप दिया और यह भविष्यवाणी करी कि अब कांग्रेस का विनाश निश्चित है । भविष्यवाणी के अनुसार ही कार्य होता रहा और तीन-चार साल के अंदर ही कांग्रेस भ्रष्टाचार के बहुत बड़े केसों में फसने के बाद , सत्ता से बाहर हो गई । बाबाजी ने यह भी बताया था कि नरेंद्र मोदी या बीजेपी सत्ता में अपने आप या जनता के द्वारा नहीं आए हैं इनकी ग्रूमिंग और सत्ता में स्थापना आध्यात्मिक शक्तियों के द्वारा पिछले कई दशकों से की जा रही थी , और इसकी शुरुआत 2002 के गोधरा कांड के बाद ही हो चुकी थी । गोधरा कांड भगवान राम की जन्म स्थली के मुक्ति आंदोलन से संबंधित एक महत्वपूर्ण घटना थी और इसके बाद से ही नरेंद्र मोदी का राजनीतिक पटल पर उदय होना शुरू करवाया गया था । नवंबर 2013 में जब अशोक सिंघल जी , बाबा जी के विंध्याचल आश्रम में आए थे तो उन्होंने नरेंद्र मोदी की रक्षा और सुरक्षा और बीजेपी की पार्लियामेंट में जीत के लिए बाबा जी से आशीर्वाद मांगा था , इसका वीडियो वेबसाइट देवरहाहंस. कॉम (devrahahans.com ) में प्रस्तुत किया गया है । बाबा जी ने उनको बताया था कि राम जन्म भूमि की मुक्ति का और गौ हत्या पर प्रतिबंध लगाने का समय आ रहा है और उनको यह भी बताया था कि भारत की वर्तमान सीमाएं बदलेंगे और अखंड भारत का निर्माण होते हुए सनातन धर्म की पुनर्स्थापना होगी और भारत विश्वव्यापी होगा । नरेंद्र मोदी को केंद्र में लाया गया पर राम मंदिर पर कानून नहीं बन पाया । बाबा जी ने हनुमान जी का आवाहन करते हुए उनसे आसुरी शक्तियों की २०१९ के चुनावों में निर्णायक हार करवाने और संघ परिवार की विजय के द्वारा राम मंदिर के निर्माण के लिए प्रार्थना की गई ।बाबा जी के आशीर्वाद और हनुमान जी के आध्यात्मिक हस्तक्षेप के कारण बीजेपी को अपने ही बल पर 303 सीटें पार्लियामेंट में मिल गई, इसी कारण बीजेपी कश्मीर को भारत में इंटीग्रेट करने के लिए धारा 370 को हटा पाई और आगे भी उनके द्वारा कई और महत्वपूर्ण कानूनों का निर्माण होना है। कई वर्ष पहले बाबा जी ने दिल्ली में एक कश्मीरी ब्राह्मणों के ग्रुप को यह बताया था कि कश्मीर भारत का सनातन धर्म का सबसे बड़ा केंद्र है और यहां पर सनातन धर्म की पुनर्स्थापना होकर ही रहेगी और जब तुम सब लोग वापस कश्मीर में जाओगे और मैं भी तुम्हारे साथ में भजन कीर्तन में शामिल होऊंगा । बाबा जी की भविष्यवाणी सत्य होने का समय आ रहा है । कश्मीर में धारा 370 हटाने के बाद वंश वादी और भ्रष्ट राजनेताओं का सफाया होने के बाद कश्मीर में परिस्थितियां बहुत तेजी से बदल रही है और बदलेगी आतंकवाद पूर्णतया समाप्त हो जाएगा पाकिस्तान खंडित हो जाएगा और चीन शक्तिहीन होने के बाद भारत के आंतरिक मामलों में दखलंदाजी नहीं कर पाएगा । कश्मीर के मुद्दे पर काम शुरू हो चुका है और इसको पूर्ण भी जल्दी ही होना है, यह सनातन धर्म का एक बहुत बड़ा केंद्र पुनः बनेगा । बाबा जी की सबसे महत्वपूर्ण भविष्यवाणी अखंड भारत के उदय की है अखंड भारत विश्व की सबसे बड़ी शक्ति होगा और इसमें बहुत सारे देश जो को पहले भारत के अभिन्न अंग रहे हैं , इस में विलीन हो चुके होंगे । अखंड भारत के बनने से इन देशों में शांति और समृद्धि की स्थापना होगी और अखंड भारत के अंदर होने से उनको सब प्रकार के सुख और शांति की अनुभूति होगी । भारत यानी सनातन धर्म , विश्वव्यापी हो जाएगा और सारा विश्व भारत को अपना आध्यात्मिक विश्व गुरु मानकर नमन करेगा। कैलाश मानसरोवर फिर भारत में वापस आएगा और तिब्बत अधिकतर भारत का ही हिस्सा बन जाएगा । बाबाजी के कई सारे वीडियोस पर आधारित मेरे लेख इस कैटेगरी में वेबसाइट में पोस्ट किए जा रहे हैं ।

