देवराहा तत्व और अखंड भारत निर्माण

ब्रह्म ऋषि श्री देवरहा बाबा जी ने कहा था कि पूरे विश्व पर बहुत बड़े खतरे आयेंगे और भारी विनाश के बाद कहीं कहीं चिराग जलता दिखेगा । उन्होंने घोषणा की थी की बोह अपने स्थूल शरीर को त्यागने के बाद भी अपने सूक्ष्म शरीर के द्वारा भारत पर आने वाली सारी विपत्तियों का निवारण करेंगे । देवरहा बाबाजी अपने संकल्प के अनुसार अपने सूक्ष्म शरीर के द्वारा भारत की रक्षा करने के लिए पूर्ण शक्ति से कार्यरत हैं । देवरहा बाबाजी इन कार्यों का संपादन अपने प्रतिरूप एवम् सर्वप्रिय शिष्य ब्रह्म वेत्ता श्री देवरहा हंस बाबा जी के पवित्रतम शरीर के अंदर स्थापित हो कर कर रहे हैं । ब्रह्म वेत्ता श्री देवरहा हंस बाबाजी ने अपनी परावाणी में पिछले साढ़े तीन वर्षों में प्रति दिन अखंड भारत के उदय होने की , सनातन धर्म का वैश्वीकरण होने की भविष्यवाणी, संकल्प और प्रार्थना को कई बार दोहराया है । योगी का संकल्प भगवान का संकल्प होता है और इसलिए अवश्य ही पूर्ण होता है । इस समय विश्व के दो महानतम योगी _ सूक्ष्म रूप में ब्रह्मऋषि श्री देवरहा बाबाजी और स्थूल रूप में ब्रह्म वेत्ता श्री देवरहा हंस बाबाजी , सनातन धर्म के उत्थान और वैश्वीकरण एवम् अखंड भारत के उदय के लिए अध्यात्मिक स्तर पर निरंतर कार्य कर रहे हैं । बाबाजी के शब्द कुछ समय के अंदर ही घटनाओं में परिवर्तित हो जाते हैं । बाबाजी के संकल्प और भविष्यवाणी के अनुसार रामजन्म भूमि पर सर्वसम्मति और शांतिपूर्वक राम मंदिर बनने की बात सत्य सिद्ध हो चुकी है । राम मंदिर का निर्णय सनातन धर्म के उत्थान और अखंड भारत के उदय होने के लिए एक अत्यंत महत्व पूर्ण कदम है । बाबाजी के संकल्प और आवाहन को देखते हुए अपने प्रण_ राम काज किंहे बिना मोहि कहां विश्राम _ के अनुसार भगवान हनुमान जी ने अध्यात्मिक गुप्त रूप से राम मंदिर के निर्माण के निर्णय को करवाने के उपरांत अखंड भारत के उदय के लिए अपनी प्रचंड शक्ति के साथ कार्य करना आरंभ कर दिया है । रामायण काल के लंका दहन की तरह ही आसुरी शक्तियों के विनाश की शुरुआत और समापन होना अवश्यंभावी है । पाकिस्तान जो की पूरे विश्व में आतंक का सबसे बड़ा केंद्र रहा है , अब प्रायः खंडहर बन चुका है और इसका कई और हिंसक देशों के साथ दुनिया के नक्शे से मिटना लगभग निश्चित हो चुका है । यह इन देशों में रहने वाले मनुष्यों की शांति और समृद्धि के लिए आवश्यक है और इसीलिए अध्यात्मिक शक्तियां इन कार्यों का संचालन भौतिक जगत के शासकों के द्वारा करवाएंगी ।
मनुष्य रहेंगे पर आसुरी , हिंसक और नास्तिक व्यवस्थाएं समाप्त होंगी जिससे लोग प्रेम और शांति से अपना जीवन जी सकें । बाबाजी ने चीन के जर्जर होने की और पाकिस्तान के खंडहर होने की प्रार्थना भगवान कृष्ण से अनेकों बार की है और इसके होने की निश्चितता को हजारों बार बताया है । आर्थिक रूप से ऐसा हो चुका है और हो रहा है । यद्यपि बाबाजी ने इन घटनाओं के घटित होने का कोई वर्ष नहीं बताया है और ना ही किसी पंथ विशेष के बारे में कभी कुछ नहीं बताया है पर हम लोगों ने किसी अन्य भविष्यदृष्टा के द्वारा बताई गई भविष्य वाणी _ जब आवेगा बीसंबिसा ना रहे इसा ना रहे मूसा _ को सुना है । नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी इस पर बहुत स्पष्ट है । आने वाले समय में इस की सत्यता के बारे में पता चलेगा । तृतीय विश्व युद्ध की संभावनाएं बहुत अधिक हो चुकी हैं पर आशा है कि भारत और भारत में रहने वाले सभी धर्मों / पंथों के समस्त भारतीय सुरक्षित रहेंगे और पूरा विश्व भारत को अपना अध्यात्मिक विश्वगुरु मानेगा ।
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