श्री देवराहा कृष्ण शरणम परावाणी परिचय

A K SAXENA 29 DEC 2017

ब्रह्मवेत्ता श्री देवराहा हंस बाबा जी ने अपनी परावाणी के द्वारा अपने सदगुरुदेव ब्रह्मऋषि श्री देवराहा बाबा जी पर एक महान ग्रंथ ( श्री देवरहा कृष्ण शरणम ) की रचना की है । इसमें 5000 दोहे हैं । बाबाजी का आशीर्वाद परोक्ष रूप से या अपरोक्ष रूप से इन ग्रंथों के द्वारा या अपनी परावाणी में व्यक्त आशीर्वाद के द्वारा हो , वह अवश्य अपना कार्य करता है । पिछले वर्ष इस पर लिखी और प्रकाशित एक पुस्तिका ” श्री देवरहा मंच और अखंड भारत निर्माण ” में इस बात की विस्तार से चर्चा की गई थी । जो व्यक्ति इन ग्रंथों को पा नहीं सकें है वह परावाणी गायन को सुनकर ही लाभान्वित हों , इसी उद्देश्य से बाबा जी ने अदिति विष्णुप्रिया का गायन को कराने का निर्णय लिया है और सार्वजनिक रूप से इस को उपलब्ध भी कराया है । बाबाजी का कहना है वर्तमान समय के मनुष्यों को इसको पढ़ने में और समझने में बहुत कठिनाइयां है , पर चलते फिरते और अन्य काम करते समय भी इसको श्रवण करने में कोई कठिनाई नहीं है । कई वर्ष पहले बाबाजी ने अपने वृंदावन आश्रम में मुझे बताया था कि इस परावाणी के गायन के लिए भगवान श्री हनुमान जी ने उनको निर्देशित किया है कि इसको अदिति विष्णुप्रिया के द्वारा गायन कराया जाए । आध्यात्मिक शक्तियों के आदेश के अनुसार ही यह सब आयोजन हो रहा है । प्रतिदिन  लगभग १०८ दोहों का गायन बाबाजी के आदेशानुसार किया गया  है । इसका श्रवण व्यक्तिगत रूप से भी लाभकारी होता है , जैसा की बाबाजी ने अनेकों बार बताया है ,इस ग्रंथ का  , बाबा जी के द्वारा रचित अनेक अन्य ग्रंथों  के साथ , भारत के और उत्तर प्रदेश के सरकार के प्रधानमंत्री , मुख्य मंत्री , कैबिनेट मंत्रियों को 2019 में वितरण किया गया था । जब इसका वितरण किया जा रहा था तो बाबा जी के कुछ शिष्यों ने बाबा जी से पूछा कि राजनेताओं के पास तो पढ़ने का समय ही नहीं है और पढ़ने के बाद भी उनको इसको समझना बहुत कठिन होगा , तो इसके वितरण से क्या लाभ होगा । बाबा जी ने यह बताया था कि इसको वितरण करवाने के पीछे एक बड़ा आध्यात्मिक कारण है , वह है अखंड भारत का निर्माण और सनातन धर्म को विश्वव्यापी करने का उद्देश्य । पूरे विश्व पर आज भयंकर विपत्तियां और आपदाएं आई हुई हैं और आगे भी आनी हैं बाबाजी ने बताया कि इन ग्रंथों में भगवान श्री कृष्ण की अमोघ शक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा कूट-कूट कर भरी हुई है और जिस स्थान पर भी इनको रखा जाएगा , उस स्थान पर यह ऊर्जा अपने आप विकिर्ण ( रेडिएट ) होती रहेगी और अपना काम करती रहेगी , यह मनुष्य की देह से ज्यादा मनुष्य की आत्मा और अंतर्मन पर कार्य करती है मनुष्य को उनके शरीरों को , उनके मन को इसका बोध हो , चेतना हो या ना हो , यह अपना संकल्पित कार्य करके ही रहती है । यह स्पष्ट है कि आसुरी शक्तियां भारत को और सनातन धर्म को तोड़ने का और उसको बर्बाद करने का अथक प्रयास आज से नहीं बल्कि हजारों साल से कर रही हैं , पर हमारे देश की सनातन संस्कृति और भगवान राम , भगवान श्री कृष्ण की और महायोगियों की ऊर्जा और आशीर्वाद के कारण यह आसुरी शक्तियां सफल नहीं हो पाई हैं । आसुरी शक्तियों ने भारतीय समाज को बहुत चोट पहुंचाई है और अब यह आसुरी शक्तियां बहुत प्रचंड रूप से भारत के ऊपर प्रहार कर रही है यह आसुरी शक्तियां जो कि भारतीय समाज को जाति , रंग और अन्य कई  आधार पर विभाजित करने की कोशिश कर रही हैं , अपने प्रयासों में  कभी भी सफल नहीं होंगी । आयातित अब्रहिमिनिक , गैर सनातनी और वामपंथी विचारधाराएं , जिनको भारत ने उदार होने के कारण शरण दी थी , यह विचार धाराएं आज भारत और भारतीय समाज के ऊपर पूरा कब्जा करने का  प्रयास कर रही हैं । देश में इन आसुरी शक्तियों के द्वारा विदेशों से बहुत अधिक धन आ रहा है , आतंकवाद का आयात किया जा रहा है और प्रहार निरंतर जारी है पर जैसे कि अंत समय में ज्वाला की लौ बुझने से पहले बहुत तेज हो जाती है , यह उसी प्रकार की घटना हो रही है । आसुरी शक्तियां अब समाप्त होने की कगार पर हैं और यह भारत को कभी भी खंडित नहीं कर सकती हैं । इन शक्तियों के होने के बावजूद अखंड भारत का निर्माण निरंतर हो रहा है और शीघ्र ही सनातन धर्म विश्वव्यापी होगा और अखंड भारत का उदय होगा । महायोगी के कार्य कभी भी बिना उद्देश्य के नहीं होते हैं । इन ग्रंथों का वितरण जो सनातन धर्म के समर्थक बीजेपी के सत्तारूढ दल के राजनेताओं के यहां किया गया , उसका कारण यही था कि भगवान  श्री कृष्ण की ऊर्जा उनको निरंतर प्राप्त होती रहे और इस अदृश्य ऊर्जा के कारण आसुरी शक्तियां कभी भी सत्तारूढ राजनीतिक दल को डगमगाने ना दें । पिछले 2 सालों में शाहीन बाग और किसान आंदोलन जैसे नकली आंदोलनों के द्वारा भारतीय समाज को तोड़ने का और सत्तारूढ पार्टी को हतोत्साहित करने का बहुत बड़ा अंतर्राष्ट्रीय षड्यंत्र रचा गया और किया गया पर इन अंतर्राष्ट्रीय और आंतरिक आसुरी शक्तियों को सफलता मिलने की कोई भी संभावना नहीं है । यह बात केवल महायोगी और उनके आसपास के कुछ लोग और सत्तारूढ दल के कई महत्वूर्ण सदस्य जिनका संवाद बाबाजी से होता रहता है , जानते हैं  कि अदृश्य जगत की भागवत शक्तियों के द्वारा भारत की रक्षा की जा रही है और वर्तमान में जो बीजेपी की सरकारें हैं उनको वह किसी भी दशा में कमजोर नहीं होने देंगे । इस बात को सब को समझना चाहिए कि इस महान परा वाणी को श्रवण करने से व्यक्तियों की , परिवारों की , समाजों की और देशों की समस्याओं को आध्यात्मिक ऊर्जा के द्वारा सुलझाने में बहुत बड़ी सहायता मिलती है । श्री देवराहा श्री श्री कृष्ण शरणम ग्रंथ के श्रवण , पठन और चिंतन से आत्मज्ञान , आत्म साक्षात्कार और मुक्ति की भी प्राप्ति होती है । इस प्रकार से यह महान ग्रंथ दोनों इस लोक और परलोक में परम कल्याण का परम साधन है ।

अतुल कुमार सक्सेना

 

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