पूज्य ब्रह्मवेत्ता श्री देवराहा हंस बाबा जी द्वारा रचित “श्री देवराहा कृष्ण शरणम् ” का 28 नवम्बर 2020 का गायन अदिति विष्णुप्रिया के, द्वारा ग्रन्थ के सूत्र संख्या 917 से 980 तक होगा | ब्रह्मऋषि श्री देवराहा बाबा जी जिनको सारा विश्व Ageless Mahayogi की तरह से जानता है उन्होंने भगवान श्री कृष्ण के साथ में योग के द्वारा अमरत्व और सारी आध्यात्मिक ऊर्जाएं , शरणागति और प्रेम के द्वारा प्राप्त की हुई है । बाबाजी , भगवान श्री कृष्ण की पूरी शक्तियों को प्राप्त करके उनको देने के पूर्ण अधिकारी हैं | पूज्य बाबा जी ने कई व्यक्तियों को भाव भक्ति का दान करके परमधाम पहुंचा कर मोक्ष प्राप्त करवाया है । पूज्य बाबा जी भगवान श्री कृष्ण की और उनके साथ में पूर्ण योग की पूर्ण शक्ति के द्वारा दिव्य लोकों का दर्शन करते हैं और कराने में भी सक्षम है अगर किसी जीव में शरणागति का पूर्ण भाव स्थित हो चुका है तो वह भी भगवान के भाव प्रेम के दर्शनों को भली-भांति कर सकता है । भगवान श्री कृष्ण का भक्ति और भाव प्रेम , मनुष्य समाज में व्याप्त प्रेम की परिभाषा से बिल्कुल अलग है यह एक पूर्णतया आध्यात्मिक प्रक्रिया है । मानव प्रेम , भागवत प्रेम से बिल्कुल अलग है ।
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