श्रीदेवराहा कृष्ण शरणम परावाणी गायन 7

 

पूज्य ब्रह्मवेत्ता श्री देवराहा हंस बाबा जी द्वारा रचित “श्री देवराहा कृष्ण शरणम् ” का 27 नवम्बर 2020  का गायन अदिति विष्णुप्रिया के, द्वारा ग्रन्थ के सूत्र संख्या 853 से 916 तक होगा |यह दोहे ब्रह्मर्षि श्री देवराहा बाबा जी के अजर

अमर व्यक्तित्व एवं महानतम दिव्य ऊर्जा का वर्णन बहुत विस्तार से करते हैं । ब्रह्मऋषि श्री देवराहा बाबा जी भगवान श्री कृष्ण से परिपूर्ण शक्ति के स्वरूप हैं , मंगल स्वरूप है , और सारे विघ्नों का हरण करने वाले हैं । पूज्य बाबाजी सारे संकटों का हरण कर लेते हैं अगर उनके शिष्य या अन्य कोई भी उनको पूर्ण प्रेम और शरणागत भाव से जपता है । पूज्य बाबाजी न केवल त्रिलोकदर्शी हैं बल्कि त्रिकालदर्शी महायोगी है , जो पूरे भूत वर्तमान एवं भविष्य काल को पूर्ण रूप से देखते हैं और जानते हैं । पूज्य बाबाजी का यह संकल्प की अखंड भारत का उदय होगा और सनातन धर्म विश्वव्यापी होगा , शीघ्र ही फलित होने वाला है इसकी कोई तिथि और समय पहले से नहीं बताई जा सकती है पर यह तो हमारे सामने होना अवश्यम्भावी है। भारत के सारे विघ्नों और संकटों का नाश करते हुए पूज्य बाबाजी अपनी पूर्णरूपेण कृष्ण शक्ति , कृष्ण प्रेम के द्वारा अखंड भारत का निर्माण अवश्य करा कर छोड़ेंगे । कोई इसको समझे या न समझे इससे अजर अमर अविनाशी और दिव्य शक्तियों को कोई अंतर नहीं पड़ता है वास्तव में नश्वर व्यक्ति ऐसे अमर और अविनाशी शक्तियों को समझने में बिल्कुल असमर्थ हैं । नश्वर मनुष्यो में थोड़ी बहुत सामर्थ्य तब आ सकती है जब उनके अंदर शरणागति का भाव उत्पन्न हो । शरणागति कहने को बहुत सरल लगता है पर यह भी भगवान श्री कृष्ण की कृपा से ही किसी किसी में जागृत होती है।

विडियो लिंक :-

https://www.facebook.com/100015734981573/videos/914603875740770/

https://www.youtube.com/watch?v=B1I71o7yJsc&list=PLPyyBy9Slj9IqRLAbP2NNgcmDp2p6Avic&index=7

 

 

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