पूज्य ब्रह्मवेत्ता श्री देवराहा हंस बाबा जी द्वारा रचित “श्री देवराहा कृष्ण शरणम् ” का गोपाष्टमी पर्व 22 नवम्बर 2020 का गायन अदिति विष्णुप्रिया के, द्वारा ग्रन्थ के सूत्र संख्या 437 से 540 तक होगा । बाबा जी की परावाणी को हमारे जैसे साधारण मनुष्यों के द्वारा समझना बहुत कठिन है , फिर भी कुछ ध्यान और चिंतन करके इसका मूल भाव थोड़ा बहुत समझ में अवश्य आता है और यह बहुत कल्याणकारी है । बाबाजी अपनी परा वाणी में बता रहे हैं कि ब्रह्मऋषि श्री देवराहा बाबा जी सत्य का पूर्ण स्वरूप हैं , प्रेम का पूर्ण स्वरूप हैं और समस्त मानवता के लिए परम कल्याणकारी शक्ति हैं । जैसा कि हम लोग जानते हैं कि दो तरह के जगत होते हैं एक दृश्य परंतु नश्वर और दूसरा अदृश्य पर शाश्वत सत्य जगत । बाबा जी की परावाणी शाश्वत सत्य जगत का वर्णन है और यह नश्वर दृश्य जगत के लिए बहुत ही आवश्यक है ।
विडियो लिंक :-
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