पूज्य ब्रह्मवेत्ता श्री देवराहा हंस बाबा जी द्वारा रचित ” श्री देवराहा कृष्ण शरणम् ” का पुत्रदा एकादशी के पवित्र पावन अवसर पर 24 जनवरी 2021 का गायन अदिति विष्णुप्रिया के, द्वारा ग्रन्थ के सूत्र संख्या 4194 से 4302 तक का है | ब्रह्मवेत्ता श्री देवराहाहंसबाबा जी इस पूरे ग्रंथ में यह बता रहे हैं कि उनके सदगुरुदेव ब्रह्मऋषि श्री देवराहा बाबा जी को सत्य का दर्शन प्रिय है , दया का दर्शन और दान प्रिय है । और बाबाजी न केवल भगवान श्री कृष्ण की सारी शक्तियों का दर्शन करते हैं , बल्कि उनको प्राप्त करके , धारण करके उसको मानव कल्याण के लिए दान भी देते भी है । यह आध्यात्मिक शक्ति का लेन देन बिल्कुल अदृश्य है पर इसको हमारे देश के वर्तमान में महानतम महायोगी ब्रह्मवेत्ता श्री देवराहा हंस बाबा जी स्पष्ट रूप से देखते हैं , करते और करवाते भी है । श्री देवराहा हंस बाबा जी पिछले 5 वर्षों से निरंतर घोषणा कर रहे हैं कि भगवान श्री कृष्ण की और श्री देवराहा बाबा की प्रार्थना करने से अखंड भारत का उदय होगा , और भारत विश्वव्यापी होगा । भारत का मूल अर्थ सनातन धर्म ही है । यह एक लंबी प्रक्रिया है जो सामने होती हुई दिखाई दे रही है, बाबा जी ने अनेकों बार कहा है कि ,भगवान श्री कृष्ण के और देवराहा बाबा जी के सुमिरन और प्रार्थना से विषमता जाएगी और समता आएगी । आज यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है , कि पूरे विश्व में भूमि और धन दौलत की लालची शक्तियां भारत को तोड़ने का प्रयास निरंतर कर रही हैं । कभी वह भारत को धर्म और कभी जाति के नाम से और कभी प्रोफैशंस ( किसान या जवान या उद्योगपती ) के नाम से भारत को तोड़ने का प्रयास कर रही हैं । धर्म के नाम पर नए देश जैसे खलिस्तान या पाकिस्तान बनाने का षड्यंत्र 1947 से जो शुरू हुआ है वह अभी भी चल ही रहा है । इसका मूल कारण विदेशी शक्तियां है , आसुरी शक्तियां है , और कुछ आंतरिक शक्तियां जो कि राजनीतिक और आर्थिक सत्ता को हथियाने के चक्कर में पागल हुए जा रही हैं , इन आसुरी विदेशी शक्तियों की मदद करती हैं । भारतीय हिन्दू समाज जो कि सीधा साधा और सत्य निष्ठ है , वह इन आसुरी शक्तियों से लड़ने में एक तरह से असमर्थ है । इसीलिए देवराहा तत्व के द्वारा आध्यात्मिक शक्तियों का प्रचंड प्रवाह भारत के हित में हो रहा है । अगर लोग यह जानना चाहते हैं की शक्ति का दान किस प्रकार से होता है तो उसको समझने के लिए भारत की परिस्थितियों को समझना होगा । यह आध्यात्मिक शक्तियों की क्रिया का ही परिणाम है कि जहां आसुरी चीन ने एक महामारी फैलाई तो भारत जैसे सत्य सनातन धर्मी देश ने उसको हटाने के लिए वैक्सीन बनाई , जबकि तथाकथित सुपर पावर्स चीन , रूस अमेरिका इस प्रयास में असफल हो गए । पिछले वर्ष अप्रैल 2020 से अगस्त 2020 तक बाबाजी का प्रवास पटना में था बाबा जी ने कोरोना वायरस के द्वारा फैली हुई महामारी को देश से हटाने के लिए अनेकों बार संकल्प किया , प्रार्थना करी और करवाई और घोषणा करी कि जो कुछ भी हो भारत में यह महामारी इतना नुकसान नहीं करेगी जितना यह और स्थानों में करेगी और भारत से अंततोगत्वा मिट जाएगी । जो शब्द निकले वह आध्यात्मिक शक्ति से परिपूर्ण थे और उनको परिणामों में बदलना ही था । उसी के कारण भारत सफल हुआ , भौतिक जगत के स्तर पर राजनेताओं ने और वैज्ञानिकों ने बहुत अच्छा कार्य किया है , पर ऐसे राजनेता और वैज्ञानिक दूसरे देशों में भी हैं , हमारे लोग सफल हो गए और बाहर के लोग अभी तक सफलता नहीं प्राप्त कर पाए । कारण यह है कि भारत के ऊपर आध्यात्मिक शक्तियों का वरद हस्त है । यह हमको दिखाई देता है कि शक्ति का दान कैसे किया जाता है , एक महायोगी के द्वारा । इसी प्रकार से अनेक षड्यंत्र भारत को तोड़ने के लिए किये गए हैं और किये जा रहे हैं , पर जैसा कि बाबाजी का संकल्प है कि आध्यात्मिक शक्तियों के द्वारा विषमता हटेगी और समता आएगी । यह भी एक आध्यात्मिक शक्ति का भारत को महान दान है । भारतीय समाज को इस अदृश्य बात को समझने में बहुत कठिनाई होगी , पर यह सत्य है कि भारत , जिसको एक निर्धन और पिछड़ा देश दुनिया मानती आई है , वह मान्यताएं अब समाप्त हो रही हैं और भारत का आध्यात्मिक विश्व गुरु बनना तय होता जा रहा है । ऐसे अनेकों अनेक उदाहरण हैं जहां पर आसुरी शक्तियों ने भारतीय सत्य सनातन समाज के ऊपर बहुत विषेले और आसुरी प्रहार किए हैं , पर वह इसमें सफल नहीं हो पाएंगे और अंत में अखंड भारत का उदय होकर ही रहेगा । यह अखंड भारत कैसा होगा ? यह अखंड भारत पूरे विश्व में शांति और सद्भावना की स्थापना करेगा , मनुष्यों के लिए अच्छा होगा । एक तरह से यह धर्म की पूरे विश्व में पुनर्स्थापना होगी । अब हमारी समझ से , जो कि बिल्कुल सही है कि यह सारे कार्य , देवराहा तत्व के द्वारा दान की हुए शक्ति के द्वारा , संपन्न होंगे । भारत की आर्थिक और सैन्य शक्ति कम होने के बावजूद भी भारत किसी से भी अब हारेगा नहीं और सारी आसुरी शक्तियों को परास्त होने के बाद अखंड भारत का उदय होना बिल्कुल निश्चित है । श्री देवराहा हंस बाबा जी पिछले 5 वर्षों से लगातार इस बात की संकल्प , घोषणा और भविष्यवाणियां कर रहे हैं और इसका होना बिल्कुल निश्चित है । यही है श्री देवराहा बाबाजी के द्वारा श्री कृष्ण भगवान की शक्तियों का अखंड भारत के लिए सदुपयोग , और भारतीय समाज को शक्ति का दान ।
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