श्री देवराहा कृष्ण शरणम परावाणी गायन 35

पूज्य ब्रह्मवेत्ता श्री देवराहा हंस बाबा जी द्वारा रचित “श्री देवराहा कृष्ण शरणम् ” का 21 जनवरी 2021 का गायन अदिति विष्णुप्रिया के, द्वारा ग्रन्थ के सूत्र संख्या 3870 से 3977 तक का है | ब्रह्मवेता श्री देवराहा हंस बाबा जी बता रहे हैं कि श्री देवराहा बाबा जी का ध्यान करने से भगवान की प्रचंड शक्ति का दर्शन होता है । श्री देवराहा बाबा जी की आध्यात्मिक शक्ति , भगवान श्री कृष्ण की ही अनंत अमोघ शक्ति है । यह शक्ति एक सीमा तक मानव समाज में हो रहे पाप और भ्रष्टाचार को देखती और सहन करती है , पर जब यह पाप सारी सीमाएं पार कर जाता है और पाप का घड़ा भर जाता है तब यह शक्ति प्रचंड रूप से काम करती है और आसुरी शक्तियों का विनाश करके सत्य को पूर्ण रूप से स्थापित करती है । आजकल के बौद्धिक जगत में दुनिया के सारे मीडिया और नेतागण , अमेरिका और चाइना को दुनिया की सुपर पावर कहकर पुकारते हैं और इनके नश्वर नेताओं का सारे दिन गुणगान करते रहते हैं । इन नश्वर नेताओं का आध्यात्मिक शक्तियों के सामने कोई अस्तित्व नहीं है पर यह नश्वर व्यक्ति अहंकार में इतना चूर हैं  कि अपनी गलत हरकतें करने से बाज नहीं आ रहे हैं । ब्रह्मर्षि श्री देवराहा बाबा जी ने अनेकों बार संकेत किया था कि कहीं कहीं चिराग जलता हुआ दिखाई देगा , विश्व में बहुत बड़े संकट आएंगे और उन्हें भारत की रक्षा करने के लिए सूक्ष्म रूप से भारत में ही रहना होगा । बाबा अपनी अनंत अमोघ शक्ति के साथ में अपने सर्वप्रिय शिष्य और अपने आप में एक महानतम ब्रह्मऋषि त्रिकालदर्शी महायोगी ब्रह्मवेत्ता  श्री देवराहा हंस बाबा जी के अंतरंग स्वरूप में सूक्ष्म शरीर से निवास करके अखंड भारत को उदय कराने का और सनातन धर्म को विश्वव्यापी करवाने का कार्य कर रहे हैं । यह कोई राजनीतिक या मिलिट्री स्ट्रेटजी नहीं है यह पूर्णतया आध्यात्मिक शक्ति का अदृश्य पर प्रचंड प्रदर्शन है जिसके द्वारा एक आसुरी शक्ति दूसरी आसुरी शक्ति से लड़के एक दूसरे को नष्ट करते हैं , इसी प्रकार से प्राकृतिक आपदाओं से आसुरी प्रवृत्ति के लोगों का और समाजों का विनाश होता है । आध्यात्मिक शक्ति किसी को बता कर अपना कार्य नहीं करती पर इसके संकेत महापुरुषों के द्वारा समय-समय पर मिलते रहते हैं । ब्रह्मवेत्ता श्री देवराहा हंस बाबा जी ने अनेकों बार यह संकल्प किया है और करवाया है कि अखंड भारत का उदय होना है और कैलाश मानसरोवर को भारत में वापस आना है । कैलाश मानसरोवर का भारत में वापस आने का अभिप्राय यह है कि वर्तमान चीन के टुकड़े होने हैं , और जब चीन नहीं रहेगा तो पाकिस्तान स्वयं नष्ट हो जाएगा , चाहे उसको कितनी भी सहायता अमेरिका के भ्रष्ट तंत्र से मिलती रहे । नरेंद्र मोदी को भगवान श्री कृष्ण का और महा योगियों का आशीर्वाद है क्योंकि वह सनातनधर्म को और अखंडभारत का प्रतिनिधित्व करते हैं । दुनिया का कोई भी नेता या देश भारत के खिलाफ कितने भी षड्यंत्र कर ले , वह सफल नहीं हो पाएगा , क्योंकि आध्यात्मिक शक्तियां भारत के पास ही थी है और रहेंगी , और इस मुश्किल की घड़ी में आध्यात्मिक शक्तियां भारत की ही सहायता करेंगी । क्योंकि भारत नैतिक दृष्टि से हमेशा सही कार्य करता है इसीलिए आध्यात्मिक शक्तियां हमेशा भारत के साथ हैं और रहेंगी।  ब्रह्मवेत्ता श्री देवराहा हंस बाबा जी ने अनेकों बार बताया है कि ब्रह्मऋषि श्री देवराहा बाबा जी का यह अखंड भारत के उदय का संकल्प एक बहुत बड़ी आध्यात्मिक घटना है और श्री देवराहा बाबा ही अपने संकल्प को पूरा करवा कर ही रहेंगे । इस कार्य को  भगवान श्री कृष्ण की अमोघ शक्तियों के द्वारा ही होना है।

विडियो लिंक :-

https://www.facebook.com/100015734981573/videos/950716578796166/

https://youtu.be/3VCV1c0ug7Y

 

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