पूज्य ब्रह्मवेत्ता श्री देवराहा हंस बाबा जी द्वारा रचित “श्री देवराहा कृष्ण शरणम् ” का 12 जनवरी 2021 का गायन अदिति विष्णुप्रिया के, द्वारा ग्रन्थ के सूत्र संख्या 3000 से 3108 तक का है |ब्रह्मवेत्ता श्री देवराहा हंस बाबा जी बता रहे हैं कि उनके सदगुरुदेव ब्रह्मर्षि श्री देवराहा बाबा जी एक पूर्ण चैतन्य आध्यात्मिक शक्ति है , और भगवान श्री कृष्ण के साथ में पूर्ण शक्ति के योग का अनन्य व्यक्तित्व है । श्री देवराहा बाबा जी के एकनिष्ट दर्शन से भगवान के पूर्ण प्रेम भाव का दर्शन होता है । श्री देवराहा बाबा जी उच्चतम ज्ञान की दिव्य ज्योति है , सर्वोच्च प्रेम भाव की उज्जवल ज्योति है जो सदैव प्रज्वलित रहती है । श्री देवराहा बाबा जी पूर्ण अमोघ शक्ति हैं और जो कुछ भी वह संकल्प करते हैं वह सिद्ध होकर ही रहता है वह पूरा होकर ही रहता है । जैसा कई बार लिखा जा चुका है कि देवराहा तत्व का भारत को अखंड बनाने का संकल्प और सनातन धर्म को विश्वव्यापी बनाने का संकल्प , भगवान श्री कृष्ण का ही संकल्प है और देवराहा तत्व की अमोघ शक्ति के द्वारा इसका पूर्ण होना अवश्यंभावी है । यह बार-बार बताना इसलिए आवश्यक है क्योंकि साधारणतया लोग आध्यात्मिक शक्ति के बजाय राजनीतिक , आर्थिक और मिलिट्री शक्तियों के द्वारा देशों का आकलन करते हैं । भारतवर्ष के अंदर जो अमोघ आध्यात्मिक शक्ति है जो देवराहा तत्व के द्वारा पूर्ण रूप से क्रियाशील है , वैसी शक्ति पूरे विश्व में कहीं भी नहीं है और ना होगी इसीलिए भारत का आध्यात्मिक विश्व गुरु और अखंड भारत का उदय होना एकदम अवश्यंभावी है ।
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