पूज्य ब्रह्मवेत्ता श्री देवराहा हंस बाबा जी द्वारा रचित “श्री देवराहा कृष्ण शरणम् ” का 6 जनवरी 2021 का गायन अदिति विष्णुप्रिया के, द्वारा ग्रन्थ के सूत्र संख्या 2347 से 2455 तक का है | ब्रह्मबेत्ता श्री देवराहा हंस बाबा जी अपनी परावाणी में अपने सदगुरुदेव ब्रह्मऋषि श्री देवराहा बाबा जी के गुणों का वर्णन कर रहे हैं । दया धर्म का मूल है । दया का गुण और शक्ति केवल सर्व शक्तिमान भगवान में ही होता है । दया का अर्थ साधारण भाषा में यह है कि अगर किसी को अपने कर्मों के अनुसार कोई दंड मिलना हो तो दया के द्वारा उस दंड को कम कर दिया जाता है या बिल्कुल समाप्त कर दिया जाता है । कर्म के अनुसार फल मिलने का कानून दिव्य कानून है और इसमें छूट केवल भगवान ही दे सकते हैं । ब्रह्मऋषि श्री देवराहा बाबा जी पूर्ण प्रेम के अवतार हैं और उनका भगवान श्री कृष्ण के साथ में पूर्ण प्रेम योग होने के कारण भगवान श्री कृष्ण की दया करने का गुण , प्रवृत्ति और शक्ति श्री देवराहा बाबा जी के अंदर पूर्ण रूप से स्थाई रूप से रहती है , बाबा जी की दृष्टि , दया और प्रेम की दृष्टि है । बाबा जी का दर्शन दया से भरपूर है और जो कोई भी उनके दर्शन में जाता है चाहे वह कोई कामना करें या ना करें , बाबा जी अगर उसके ऊपर कोई विपत्ति देखते हैं तो उसको उनके दया भाव की ऊर्जा के कारण वह विपत्ति अपने आप ही हट जाती है या संकट बहुत कम हो जाता है । जिसके ऊपर दया की गई है उसको यह पता भी नहीं लगता कि वह संकट से कैसे बाहर निकल गया । बाबा जी ने अपने पूर्व शरीर से लाखों लोगों के ऊपर दया करके उन्हें बड़े भीषण संकटों से निकाला था , बाबा जी की दया केवल मनुष्यो तक सीमित नहीं है यह पूरी मानवता के लिए है और विशेषकर भारतवर्ष के लिए है , जो कि भगवान श्री राम और भगवान श्री कृष्ण की धर्म और कर्म भूमि है और जन्म भूमि है । बाबा जी की दया और आशीर्वाद के कारण ही अखंड भारत का निर्माण हो रहा है और पूर्ण हो जाएगा इस बात को अधिकांश भारतवासी जाने या ना जाने , जान पाए या ना जान पाए , अखंड भारत के निर्माण कर्ता ब्रह्मर्षि श्री देवराहा बाबा जी और ब्रह्मवेता श्री देवराहा हंस बाबाजी ही हैं , हम लोगों को इस बात का पूर्ण अनुभव है । वैसे भी भगवान श्री कृष्ण ने गीता में अर्जुन को स्पष्ट रूप से बताया है कि राजा केवल निमित्त मात्र होता है और उससे जो कराया जाए वह करता है पर भगवान श्री कृष्ण ही एकमात्र कर्ता इस ब्रह्मांड में है और दूसरा कर्ता कोई है ही नहीं । भगवान श्री कृष्ण की शक्तियों से युक्त होकर देवराहा तत्व के द्वारा अखंड भारत का निर्माण करवाया जा रहा है यह पिछले चार-पांच वर्षों से बहुत तेज गति पकड़ चुका है और अब यह कार्य शीघ्र ही संपन्न होने वाला है । यह सब बाबा जी की दया के कारण ही है ।
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