श्री देवराहा कृष्ण शरणम परावाणी गायन 40

 

पूज्य ब्रह्मवेत्ता श्री देवराहा हंस बाबा जी द्वारा रचित ” श्री देवराहा कृष्ण शरणम् ” का 27 जनवरी 2021 का गायन अदिति विष्णुप्रिया के, द्वारा ग्रन्थ के सूत्र संख्या 4412 से 4520 तक का है | ब्रह्मवेता श्री देवराहा हंस बाबा जी अपनी परावाणी में संकेत कर रहे हैं की देवराहा बाबा जी, जो कि सर्वज्ञ और त्रिकालदर्शी महायोगी हैं , वह अपनी महा ज्ञान शक्ति के द्वारा बहुत सारे व्यक्तिगत और सार्वजनिक कार्य , बगैर किसी के जाने हुए , मानवकल्याण के लिए करवाते रहते हैं । आज का विषय है ध्यान योग ।  बाबा जी को किसी ने कोई समस्या बताइ या उन्होंने स्वयं देख ली कि गणतंत्रदिवस पर भारत विरोधी शक्तियां , भारत की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रही है और सरकार को लंबे समय तक परेशान करने की योजना बना रही है । बाबा जी ने मुझसे इसके बारे में पूछा , मैंने उन्हें बताया कि यह नकली किसानों का आंदोलन है और यह देश विरोधी तत्व है । बाबा जी ने अपने ध्यान योग से उनके अंतर्मन की पूरी जांच कर ली  और उसके बाद उन्होंने देखा होगा कि इन नकली नेताओं के मन में किसानों का कोई हित नहीं है और यह  व्यक्ति अपनी नेतागिरी चमकाने के चक्कर में पूरे देश को परेशान करना चाह रहे हैं । ध्यान योग के द्वारा जो उन्होंने देखा , उस पर फिर आगे विचार करते हुए तुरंत ही उसका निदान भी कर दिया । बाबाजी ने तुरंत ही बता दिया कि यह लोग आपस में लड़ कर नकली आंदोलन को समाप्त कर देंगे  ।  यह कार्य सेकंडो में होता है , उन्होंने अपने ध्यान योग शक्ति के द्वारा नेताओं के सूक्ष्म मन और आत्मा में एक महत्वाकांक्षा भर दी कि वह किसानों के सबसे बड़े नेता बन जाए , इस मौके का पूरा फायदा उठा कर और ऐसा ही हुआ , बाबा जी ने हमको पहले ही संकेत कर दिया था कि यह सब अनुभवहीन , क्षमताहीन व्यक्ति इतनी महत्वाकांक्षा रखते हैं कि इनकी महत्वाकांक्षाओं में टकराव हो जाए तो यह आपस में ही लड़ जायेंगे और बिखर जाएंगे । जैसा बोला था वैसा ही हुआ । यहां पर ध्यान योग के द्वारा स्थिति को देखकर उसमें शक्ति का प्रयोग करके तुरंत उनके मनोदशाओं में परिवर्तन किया गया जिसका उनको पता भी नहीं चला होगा ,  और वह इतना सटीक हुआ कि यह सारे लोग गलत काम करने के बाद इतने बदनाम हो गए और आपस में महत्वाकांक्षाओं के टकराव के द्वारा लड़ भी गए । इस तरह से भारत की और भारत सरकार की रक्षा हुई । यह बहुत बारीक प्रक्रिया है जो हमने कई बार कई विषयों पर  होती हुई देखी हैं । कई बार इन प्रक्रियाओं के सफल होने में बरसों बरस लग जाते हैं और कई बार यह प्रक्रिया  तुरंत हो जाती है । राम जन्मभूमि आंदोलन के द्वारा राम जन्म भूमि की मुक्ति बगैर किसी खून खराबे के द्वारा #देवराहा तत्व के द्वारा किया गया एक महानतम कार्य था जिसके बारे में बहुत कुछ पहले लिखा जा चुका है , और जो कुछ लिखा गया है वह अनुभव और तथ्यों के आधार पर वह बिल्कुल सही है  । सत्य ध्यान और सत्य लक्ष्य और सत्य शक्ति के द्वारा बाबा जी भारत देश के लिए और सनातन धर्म के लिए वर्तमान में सबसे अधिक महत्व पूर्ण कार्य कर रहे है और देश और सनातनधर्म के लिए सबसे बड़ी दृश्य आध्यात्मिक शक्ति है ।

विडियो लिंक :-

https://www.facebook.com/100015734981573/videos/954521795082311/

https://youtu.be/fN5UrWVNdAA

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Categories