Construction of Ram temple thru Devaraha Tattwa 8

A K SAXENA 26 JAN 2019

ब्रह्मा वेता श्री देवराहा हंस बाबा जी द्वारा मार्च १९९२ मे निसृत राम जन्मभूमि विषयक परा वाणी का सामूहिक गायन 9 जुलाई 2003 में बांके बिहारी जी के मंदिर के प्रांगण में सैकड़ों साधुओं और बाबा जी के शिष्यों के द्वारा हुआ था । अक्टूबर 2002 में टिकारी परिवार ने टिकारी मंदिर के प्रबंधन को बाबाजी के ट्रस्ट को हस्तांतरित किया था और इसके प्रबंधन को शुरू करने के कुछ ही महीनों उपरांत बाबा जी ने योगिनी एकादशी एवं गुरु पूर्णिमा 2003 के दौरान इस कार्यक्रम को आयोजित करवाया था बाबा जी की परा वाणी में भगवान राम एवं भगवान कृष्ण दोनों अवतारों का वर्णन आया है इसमें भगवान कृष्ण ने स्वयं कहा है कि मैं अपने अंतरंग स्वरूप के द्वारा भगवान राम के मंदिर का निर्माण करवाने के लिए कार्य करवा लूंगा । राम मंदिर का निर्माण भगवान कृष्ण के अंतरंग स्वरूप देवराहा तत्व के द्वारा किया जाना निश्चित है । ब्रह्म ऋषि श्री देवराहा बाबा जी एवं उनके अंतरंग स्वरूप ब्रह्म वेता श्री देवराहा हंस बाबा दोनों ने यह स्पष्ट रूप से कहा है की राम मंदिर का निर्माण सर्वसम्मति से शांतिपूर्वक कानून के द्वारा होना निश्चित है अब इसका समय आ चला है । बाबा जी की परा वाणी में इस बात की कोई चर्चा नहीं है कि इसका निर्माण राजाओं के द्वारा या संतो के द्वारा होना है । कुछ समय पूर्व की घटनाओं से यह बात स्पष्ट हो जाती है कि राम मंदिर का भव्य निर्माण हनुमान जी के मार्गदर्शन में संतो के द्वारा ही किया जाएगा और इसमें राजनेताओं एवं न्यायपालिका की बहुत कम भूमिका होगी । जनसाधारण एवं उनके आराध्य संतों के द्वारा ही यह कार्य किया जाना है और राजनेता इस कार्य को करवाने के लिए कानून को बनवाने में केवल एक जनसाधारण के औजार की तरह कार्य करेंगे और राजतंत्र को मंदिर बनाने का कोई श्रेय नहीं मिलेगा । भारत की राजनीतिक पार्टियों ने इस अध्यात्मिक कार्य को पिछले कई दशकों से राजनेतिक वोट बैंक की राजनीति में उलझा कर मंदिर के निर्माण में देरी करवाई है । कुछ दल राम मंदिर बनाने का श्रेय लेना चाहते है कुछ इस को ना बनने देने का श्रेय केवल राजनैतिक कारणों के लिए चाहते हैं । जबकि भगवान राम सबके हैं सब में हैं , इस विषय को हिन्दू बनाम मुस्लिम मुद्दा बनाकर पूरे देश को भ्रमित किया गया है । बाबाजी की रामजन्म भूमि विषयक परावाणी के भगवान कृष्ण के वृंदावन स्तिथ बांके बिहारी जी के मंदिर में गायन का बहुत गहरा अर्थ है । संकेत है कि राम मंदिर का निर्माण राजशाही के द्वारा ना होकर भगवान कृष्ण की शक्ति के द्वारा संतों के माध्यम से भक्तों के द्वारा होगा एवं इसके बाद शीघ्र ही कृष्ण जन्मभूमि मथुरा में भगवान कृष्ण के भव्य मंदिर का निर्माण सर्वसम्मति से कानून के अंतर्गत शांतिपूर्वक आरंभ होगा । इस दुर्लभ वीडियो को शेयर कर रहा हूं ।

VIDEO LINK :-

https://youtu.be/oWk3qJ0APng

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