अखंड भारत के उदय और सनातन धर्म के विश्वव्यापी होने का विजय घोष

अखंड भारत के उदय और सनातन धर्म के विश्वव्यापी होने का विजय घोष _ अंतरंग योग की शक्ति के द्वारा , २१/०६/२०२० पटना
बाबा जी से प्रार्थना की गई कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2020 जो पूरे विश्व में मनाया जाता है उसके बारे में कुछ उपदेश दें । बाबाजी ने अपने अल्प संदेश में जिसका वीडियो शेयर किया जा रहा है , स्पष्ट बताया कि योग शब्द के दो मीनिंग होते हैं एक होता है वहिरंग योग जो शरीर का योग होता है और एक होता है अंतरंग योग जो आत्मा और परमात्मा के बीच का योग होता है । अंतरंग योग से सारे विश्व का संचालन होता है क्योंकि जो अदृश्य जगत है जो भगवान का जगत है वही दृश्य जगत को चलाता है । जब अदृश्य जगत के अदृश्य भगवान से योगी का एकाकार हो जाता है , जो कि अंतरंग होता है तो वह योगी परम अमोघ शक्तिशाली होता है । इस अवसर पर बाबा जी ने यह बताया कि अंतरंग योग के महायोगीसम्राट अध्यात्मतत्ववेत्ता ब्रह्मर्षि श्री देवराहा बाबा जी अपनी अंतरंग योग की शक्ति से भारत की सदैव रक्षा करते रहे हैं और करते रहेंगे । 1962 में जब भारत के ऊपर दुष्ट चीन ने चढ़ाई करी थी और हमारी 40000 वर्ग किलोमीटर भूमि लद्दाख में हड़पी थी ( उससे पहले उसने सनातन धर्म की महत्व पूर्ण भूमि तिब्बत को हड़प लिया था ,) तो उस वक्त भारत की स्थिति ऐसी नहीं थी इसलिए भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री नेहरू जी ने अपने एक कैबिनेट मंत्री को ब्रह्मर्षि श्री देवराहा बाबा जी के पास भेजा था और उनसे यह प्रार्थना की थी कि इस विषय में आध्यात्मिक हस्तक्षेप करवा कर , भारत की रक्षा की जाए । बाबा जी ने उसी समय आश्वासन दिया था कि ” बच्चा अब चीन कल से आगे नहीं बढ़ेगा ” । जैसा बाबा जी ने बोला था वैसा ही हुआ , अगले दिन बाबा जी ने प्रकृति को आदेश कर के युद्ध क्षेत्र के चीनी साइड में बहुत भारी हिम वर्षा करवाई जिसमें चीन के कई सैनिक दब कर मर गए और चाइना ने डर से एकतरफा युद्धबंदी की घोषणा कर दी थी । यह बात इतिहास में अंकित हो या ना हो इससे कोई अंतर नहीं पड़ता पर ऐसा ही हुआ था । उस समय हमारी हड़पी हुई भूमि को वापस लेने की हमारी सैन्य और राजनेतिक शक्ति ऐसी नहीं थी और उस समय कालखंड का जो समय चल रहा था वह भी अनूकूल नहीं था । पर बाबाजी उस बात को कभी भूले नहीं उन्हें मालूम था कि सारा हिमालय अत्यंत प्राचीन समय से भारत वर्ष का है , भारतवर्ष की पवित्र भूमि है , भारत के सनातन धर्म का है और इसको वापस लेना ही लेना है तो अब लगभग 60 वर्ष के बाद वह समय आ गया है कि भारत को चीन से सनातन भारत की हड़पी हुई अपनी भूमि को वापस लेना है और बाबा जी ने यह बिल्कुल स्पष्ट बताया है कि यह होकर ही रहेगा इसको कोई रोक नहीं सकता । यही है अंतरंग योग की शक्ति जो की भगवान की शक्ति है , यह भगवान का आदेश है , भगवान का निर्णय है और यह होकर ही रहेगा । योगियों का जो संकल्प होता है जो अंतरंग संकल्प होता है वह भगवान का संकल्प होता है और पूरा होकर ही रहता है ।
बाबाजी ने संघ परिवार के अध्यक्ष श्री मोहन भागवत को अनेकों बार संकल्प कराया है कि भारत देश की सीमाओं का पुनर्सीमांकन होना है और कैलाश मानसरोवर को वापिस भारत में लाना ही है । बाबाजी ने स्पष्ट बताया की भारत का शासक इसी सनातन संघ परिवार से है और उसको आध्यात्मिक शक्ति से बलशाली बनाया गया है और शासक और भारतीय सेनाओं को आगे बढ़कर भारत की हड़पी हुए सनातन धर्म की भूमि को वापिस लेना ही होगा ।
बाबाजी ने २००२ में ही यह घोषणा कर दी थी कि ऐसा कारण बनाया जाएगा कि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को चीन से लड़ाया जाएगा और भारत की रक्षा करवाई जाएगी और विश्व में शांति की स्थापना , सनातन धर्म को विश्वव्यापी कराने के साथ भारत के द्वारा करवाई जाएगी । अब वह समय आ गया है अमेरिका और उसके सारे सहयोगी देश और कई सारे अन्य देश मलेच्छा चीन के विरुद्ध खड़े हो चुके हैं और इस धर्म युद्ध में भारत की विजय अवश्य होगी । कारण ( दक्षिण चीन सागर और चीनी विषाणु के द्वारा करवाई हुई वैश्विक महामारी ) बन चुका है गत १८ वर्षों में । चीन का जर्जर होना , खंडित होना और अखंड भारत का उदय होना निश्चित है । यह अखंड भारत कैसा होगा ? यह अखंड भारत अपनी अत्यंत प्राचीन सनातन संस्कृति और सनातन धर्म से परिपूर्ण होकर पूरे विश्व में शांति और सद्भावना को स्थापित करवा के विश्व का आध्यात्मिक विश्वगुरु बनेगा और रहेगा ।
सनातन और अखंड भारत के उदय होने का और सनातन धर्म के विश्वव्यापी होने का विजय घोष हो चुका है । धर्मयुद्ध में सत्य की ही विजय होती है और होगी ।
VIDEO LINK :-

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